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जब दुनिया के किसी मुस्लिम देश में पहली बार चुनी गई महिला प्रधानमंत्री, सिर्फ 35 साल थी उनकी उम्र

हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में आज ही के दिन कोई महिला प्रधानमंत्री बनी थी। ये न सिर्फ पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं, बल्कि किसी मुस्लिम देश की भी पहली महिला थीं, जो प्रधानमंत्री बनीं। इनका नाम था बेनजीर भुट्टो। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की सबसे बड़ी बेटी थीं बेनजीर, जिनका जन्म 21 जून 1953 को कराची शहर में हुआ था।

बेनजीर भुट्टो ने अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। 1977 में बेनजीर लंदन से पाकिस्तान लौट आईं। 1978 में जनरल जिया उल-हक पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने। उनके आते ही बेनजीर के पिता जुल्फिकार अली भुट्टो को हत्या के एक मामले में फांसी हो गई। पिता की मौत के बाद बेनजीर ने राजनीतिक विरासत को संभाला।

10 अप्रैल 1986 को उन्होंने पाकिस्तान में सैन्य शासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। 1988 में एक प्लेन क्रैश में जिया उल-हक की मौत हो गई। उसके बाद 1 दिसंबर 1988 को बेनजीर पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। प्रधानमंत्री बनने से 3 महीने पहले ही उन्होंने बेटे को जन्म दिया था। जिस समय वो प्रधानमंत्री बनीं, उस समय उनकी उम्र 35 साल थी।

बेनजीर भुट्टो दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनीं। पहली बार 1988 से 1990 तक और दूसरी बार 1993 से 1996 तक। भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराए जाने पर बेनजीर को 1999 में देश छोड़ना पड़ा था। 2007 में जब फौजी ताकत दम तोड़ रही थी और लोग लोकतंत्र के लिए आवाज उठा रहे थे, तब बेनजीर भुट्टो लौटी थीं। 27 दिसंबर 2007 को चुनाव प्रचार के दौरान उनकी हत्या कर दी गई।

लंदन के मैडम तुसाद म्यूजियम पर लगा मैडम तुसाद का मोम का पुतला।

मोम के पुतले बनाने वाली मैडम तुसाद का जन्म
1 दिसंबर 1761 को मैडम तुसाद का जन्म फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में हुआ था। उनका नाम मैरी ग्रासहोल्ट्ज था। उनकी मां पेरिस में डॉ. फिलिप कर्टियस के यहां काम करती थीं। डॉ. कर्टियस मोम के पुतले बनाया करते थे। डॉ. कर्टियस से ही मैडम तुसाद ने मोम के पुतले बनाना सीखा। मैडम तुसाद ने 16 साल की उम्र में पहला मोम का पुतला बनाया था। उन्होंने उस समय एक फिलॉस्फर फ्रैंक्वाइस वॉल्टैयर का पुतला बनाया था।

फ्रेंच रिवोल्यूशन के दौरान उन्होंने तीन महीने जेल में भी काटे। 1794 में उन्होंने फ्रैंक्वाइस तुसाद से शादी की। 1835 में उन्होंने लंदन की बेकर स्ट्रीट पर पहला स्टूडियो खोला। 1850 में 89 साल की उम्र में मैडम तुसाद का निधन हो गया। 1884 में उनका म्यूजियम बेकर स्ट्रीट से मेरिलबोन रोड पर शिफ्ट कर दिया गया, जहां ये आज भी है।

भारत और दुनिया में 1 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • 1640 : पुर्तगाल की 60 वर्ष की गुलामी के बाद स्पेन आजाद हुआ।
  • 1761 : मोम के पुतलों के संग्रहालय बनाने वाली मैडम तुसाद का जन्म।
  • 1959 : दुनिया के 12 देशों ने अंटार्कटिक संधि पर हस्ताक्षर कर अंटार्कटिक महाद्वीप को तमाम सैन्य गतिविधियों से मुक्त करके वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए संरक्षित रखने का संकल्प लिया।
  • 1959 : बाहरी अंतरिक्ष से पृथ्वी का पहला रंगीन फोटो लिया गया।
  • 1963 : नगालैंड भारत का 16वां राज्य बना।
  • 1965 : सीमा सुरक्षा बल (BSF) की स्थापना।
  • 1973 : इजरायल के संस्थापक डेविड बेन गुरियन का निधन।
  • 1987 : अफगानिस्तान में नए संविधान के अनुसार डॉ. नजीबुल्लाह को देश का राष्ट्रपति चुना गया।
  • 1991 : एड्स डे की शुरुआत।
  • 1990 : पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की बहन विजयलक्ष्मी पंडित का निधन।
  • 2001 : अफगानिस्तान में कंधार एयरपोर्ट पर तालिबान विरोधी कबायली संगठन का कब्जा।
  • 2008 : बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष शिवचंद्र झा का निधन।


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